‘वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत अब उनकी समझदारी है’, वीवीएस लक्ष्मण ने 15 वर्षीय बल्लेबाज की जमकर तारीफ की

"Vaibhav Sooryavanshi's greatest strength is now his maturity," said VVS Laxman, heaping praise on the 15-year-old batter.
(Pic: BCCI)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन करने वाले भारत के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने जमकर सराहना की है। लक्ष्मण का कहना है कि पिछले छह महीनों में वैभव के खेल में सबसे बड़ा बदलाव उनकी आक्रामक बल्लेबाजी नहीं, बल्कि उनकी परिपक्वता और खेल को समझने की क्षमता रही है।

तीन मैचों की टी20 सीरीज में भारत ने जिम्बाब्वे का 3-0 से सूपड़ा साफ किया। सीरीज के आखिरी मुकाबले में वैभव ने 81 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया।

वैभव सूर्यवंशी ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 151 रन बनाए और उनका औसत 50.33 रहा। यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू टी20 सीरीज में वह सिर्फ 13, 14 और 15 रन ही बना पाए थे। खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें आखिरी टी20 से बाहर भी कर दिया गया था।

हालांकि, जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने शानदार वापसी करते हुए खुद को साबित कर दिया।

‘छह महीने में आसमान छू गई है उनकी मैच अवेयरनेस’

गौतम गंभीर की अनुपस्थिति में टीम इंडिया की जिम्मेदारी संभाल रहे वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि वैभव का विकास सिर्फ बल्लेबाज के रूप में नहीं, बल्कि एक खिलाड़ी और इंसान के रूप में भी हुआ है।

उन्होंने कहा, “सबसे प्रभावशाली बात यह है कि पिछले छह महीनों में एक व्यक्ति के रूप में वैभव काफी परिपक्व हुए हैं। उनकी समझ, मैच की परिस्थितियों को पढ़ने की क्षमता और जागरूकता में जबरदस्त सुधार आया है। यही वजह है कि अब वह दबाव वाले हालात में भी बेहतर प्रदर्शन कर पा रहे हैं।”

अंडर-19 वर्ल्ड कप से इंटरनेशनल क्रिकेट तक का सफर

लक्ष्मण ने कहा कि पिछले एक साल में वैभव ने जिस तेजी से खुद को स्थापित किया है, वह बेहद खास है। उन्होंने पहले अंडर-19 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया, फिर आईपीएल में अपनी प्रतिभा दिखाई और अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी प्रभाव छोड़ा है।

उन्होंने कहा, “उन्होंने अंडर-19 विश्व कप खेला और महज चार-पांच महीनों के भीतर आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया। हम जानते हैं कि आईपीएल का स्तर कितना चुनौतीपूर्ण होता है। दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह उन्होंने बल्लेबाजी की, उससे उनकी प्रतिभा और क्षमता साफ दिखाई देती है।”

‘आईपीएल भी किसी अंतरराष्ट्रीय मैच से कम नहीं’

लक्ष्मण का मानना है कि इतनी कम उम्र में आईपीएल जैसे बड़े मंच पर खेलने का अनुभव वैभव के आत्मविश्वास को मजबूत करने में मददगार साबित हुआ। उन्होंने कहा, “आईपीएल का हर मुकाबला किसी अंतरराष्ट्रीय मैच से कम नहीं होता। 14-15 साल की उम्र में खिलाड़ी या तो दबाव में आ जाता है या फिर उस चुनौती को स्वीकार करता है। वैभव ने दूसरा रास्ता चुना और खुद को साबित किया।”

कोच ने बताया कि तीसरे टी20 मैच के दौरान चोट लगने के बावजूद वैभव मैदान पर बने रहना चाहते थे। लक्ष्मण के मुताबिक, यही उनकी खेल के प्रति लगन और सीखने की इच्छा को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “वह सिर्फ 15 साल के हैं, लेकिन खेल के हर पहलू में खुद को बेहतर बनाना चाहते हैं। चोट लगने के बाद भी वह मैदान पर रहना चाहते थे। यही उनकी मेहनत और जुनून को दिखाता है।”

शतक नहीं बनने का रहा मलाल

सीरीज के आखिरी मैच में 81 रन बनाकर आउट होने के बाद वैभव अपने पहले अंतरराष्ट्रीय शतक से चूक गए। लक्ष्मण ने बताया कि ड्रेसिंग रूम में वह इससे निराश थे, लेकिन टीम प्रबंधन ने उनका हौसला बढ़ाया।

उन्होंने कहा, “वह शतक नहीं बना पाने से निराश थे, लेकिन हमने उनसे कहा कि यह पहला और आखिरी मौका नहीं है। उनके सामने लंबा करियर है और ऐसे कई अवसर आएंगे।”

वीवीएस लक्ष्मण को भरोसा है कि वैभव सूर्यवंशी आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं। उन्होंने कहा, “उनके पास सही सोच, सही रवैया और हर दिन बेहतर बनने की भूख है। मुझे पूरा विश्वास है कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आगे बढ़ेंगे और कई रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे। उनके पास वह क्षमता और प्रतिभा मौजूद है।”

लक्ष्मण ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी उन कई युवा खिलाड़ियों में से एक हैं, जो भारत की मजबूत प्रतिभा प्रणाली से निकलकर सामने आ रहे हैं। उनके अनुसार, यही युवा खिलाड़ी आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को लगातार मजबूत बनाए रखेंगे और टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *