दिल्ली ने क्यों सील की अपनी सभी सीमाएं

न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के चलते हुए देशव्यापी लॉकडाउन का चौथा चरण अपने अंतिम पड़ाव पर है। हालांकि 60 दिनों से भी ज्यादा से चल रहे इस लॉकडाउन का जैसा असर अपेक्षित था वह नहीं हुआ है। रोजाना दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में कोरोना के संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।

गुरुवार को दिल्ली सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में एक हजार से भी ज्यादा केस 24 घंटे के अंदर सामने आए हैं। वहीं आज सुबह देशव्यापी जो आंकड़े आए हैं वह सात हजार के पार हैं। ऐसे में संक्रमण को रोकना बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। वहीं दिल्ली से सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा प्रशासन ने अपनी सीमाएं सील कर दी हैं जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर हरियाणा सरकार ने दिल्ली से सटे बॉर्डर को एक बार फिर सील कर दिया है। गुरुवार रात को ये फैसला लिया गया, लेकिन शुक्रवार की सुबह इसका असर बॉर्डर इलाकों में दिखा। दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और यहां लंबा जाम लग गया। इसके अलावा यहां बदरपुर बॉर्डर के पास बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिनके पास कार्ड है लेकिन उनका कहना है कि उन्हें आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।

दरअसल गुरुवार को दिल्ली में कुल कोविड पॉजिटिव मरीजों की संख्या 16,281 तक पहुंच गया है। 1024 मामले एक साथ आने से दिल्ली अब गुजरात को पीछे छोड़ते हुए संक्रमण के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। दिल्ली से अब महाराष्ट्र (59,546) और तमिलनाड़ (19,372) ही आगे है। गुजरात अब चौथे स्थान पर पहुंच गया, वहां पर अब 15,572 पॉजिटिव मरीज हैं। वहीं 50 पर्सेंट मरीज होम आइसोलेशन में हैं।

अब ऐसे हालात में किस तरह का सीमाएं खोली जाएं अब ये सोचने वाली बात है ?

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