ऑपरेशन सिन्दूर पर आधारित फिल्म बनाएंगे विवेक अग्निहोत्री और भूषण कुमार
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भूषण कुमार और विवेक रंजन अग्निहोत्री ने गुरुवार को अपनी नई फ़िल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह फ़िल्म पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा की गई लक्षित सैन्य कार्रवाई (टारगेटेड मिलिट्री स्ट्राइक्स) के कोडनेम से प्रेरित है।
यह फ़िल्म लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ‘टाइनी’ ढिल्लों (सेवानिवृत्त) की किताब ‘ऑपरेशन सिंदूर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ इंडियाज़ डीप स्ट्राइक्स इनसाइड पाकिस्तान’ पर आधारित होगी।
इस फ़िल्म का निर्देशन अग्निहोत्री करेंगे। फ़िल्म का निर्माण कुमार की कंपनी टी-सीरीज़ और अग्निहोत्री की कंपनी ‘आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस’ मिलकर करेंगी। फ़िल्म निर्माताओं ने बताया कि यह फ़िल्म पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा की गई लक्षित सैन्य कार्रवाई से प्रेरित है। यह कार्रवाई भारत के इतिहास में रणनीतिक संकल्प, साहस और सटीकता का एक निर्णायक क्षण साबित हुई थी।
उन्होंने इस फ़िल्म को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में साल 2025 में हुए निर्दोष नागरिकों (जिनमें से ज़्यादातर पर्यटक थे) के भीषण नरसंहार का एक ‘सिनेमैटिक जवाब’ बताया। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज़्यादातर पर्यटक ही थे।
कुमार ने एक बयान में कहा, “कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं जिन्हें हम नहीं चुनते, बल्कि वे हमें चुनती हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भी ऐसी ही एक कहानी है—एक ऐसी कहानी जिसे पूरी ईमानदारी, साहस और ज़िम्मेदारी के साथ बताया जाना बेहद ज़रूरी है। यह महज़ एक फ़िल्म नहीं है, बल्कि एक बड़ा खुलासा है। जब कोई राष्ट्र इतनी बड़ी और गंभीर घटनाओं से गुज़रता है, तो उन घटनाओं को पूरी सच्चाई के साथ दस्तावेज़ के रूप में सहेजना और प्रस्तुत करना बेहद अहम हो जाता है।”
निर्देशक-निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री ने इसमें जोड़ते हुए कहा, “यह महज़ एक फ़िल्म नहीं है, बल्कि एक बड़ा खुलासा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के ज़रिए भारत ने न सिर्फ़ पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया है और पाकिस्तान को सज़ा दी है, बल्कि आधुनिक युद्ध-कौशल के क्षेत्र में अपनी ताक़त और क्षमता का भी ज़ोरदार प्रदर्शन किया है।”
“हमने भारतीय सशस्त्र बलों की विभिन्न शाखाओं के साथ मिलकर ज़मीनी स्तर पर व्यापक शोध किया है। हमारा उद्देश्य सिर्फ़ यह समझना नहीं था कि क्या हुआ था, बल्कि यह समझना भी था कि वह सब कैसे और क्यों हुआ था।” “जो सच्चाई सामने आती है, वह सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी से कहीं ज़्यादा जटिल, कहीं ज़्यादा सटीक और कहीं ज़्यादा परेशान करने वाली है।” ‘द कश्मीर फाइल्स’, ‘द ताशकंद फाइल्स’ और ‘द बंगाल फाइल्स’ जैसी फ़िल्मों के लिए मशहूर अग्निहोत्री ने कहा कि उनका हमेशा से यह मानना रहा है कि ऐसी कहानियाँ बताई जानी चाहिए जो भले ही असहज हों, लेकिन ज़रूरी हों।
“मेरी कोशिश है कि मैं साहस, पेशेवर रवैये और रणनीतिक स्पष्टता की इस कहानी को दर्शकों तक पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुँचाऊँ, और साथ ही इसे एक बेहद रोमांचक सिनेमाई अनुभव के तौर पर पेश करूँ। मेरा मकसद शोर मचाना नहीं, बल्कि तथ्यों, स्पष्टता और सिनेमा के जादू के ज़रिए उस शोर का सामना करना है।” फ़िल्म के बारे में और ज़्यादा जानकारी जल्द ही सामने आएगी।
