स्टार किड्स को मिल गए रोल, मैं सिर्फ देखती रह गई: कृति सेनन
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती संघर्ष, नेपोटिज्म और महिला कलाकारों के साथ होने वाले भेदभाव को लेकर खुलकर बात की है। कृति ने कहा कि कई ऐसे रोल थे, जिनके बेहद करीब पहुंचने के बावजूद आखिरकार वे स्टार किड्स को दे दिए गए।
GQ को हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कृति ने बताया कि बिना फिल्मी बैकग्राउंड के इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि “मिमी” जैसी फिल्मों से पहले उनका करियर काफी उलझनों, गलत फैसलों और निराशा से भरा रहा।
कृति सेनन ने कहा, “मिमी से पहले मैं एक ऐसे दौर से गुजरी, जहां काफी फ्रस्ट्रेशन था। मुझे पता था कि मैं और बेहतर कर सकती हूं, लेकिन मौके नहीं मिल रहे थे। कई रोल ऐसे थे जिनके मैं बहुत करीब पहुंची, लेकिन आखिर में वे स्टार किड्स को मिल गए। यह ऐसी चीज थी जो मेरे कंट्रोल में नहीं थी।”
उन्होंने कहा कि फिल्मी परिवार से नहीं आने वाले कलाकारों को इंडस्ट्री में बहुत ज्यादा असुरक्षा और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है।
कृति ने आगे कहा, “मेरे लिए यह सफर धीरे-धीरे आगे बढ़ने जैसा रहा। मैंने रिस्क लिए, सोच-समझकर फैसले किए और हर अवसर खुद कमाया है। मुझे कुछ भी आसानी से नहीं मिला।”
करियर में आया था मुश्किल दौर
कृति ने स्वीकार किया कि एक समय ऐसा भी था जब उनकी कई फिल्में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। उन्होंने माना कि करियर में कुछ फैसले गलत साबित हुए और वह दौर उनके लिए बेहद भ्रमित करने वाला था।
अभिनेत्री के मुताबिक, “ऐसा वक्त था जब कुछ भी काम नहीं कर रहा था। मैं खुद को प्रोफेशनली फंसा हुआ महसूस कर रही थी। लेकिन उन्हीं अनुभवों ने मुझे सिखाया कि मुझे किस तरह की फिल्में और किरदार करने हैं।”
उन्होंने कहा कि असफलताएं इंसान को सफलता से ज्यादा सिखाती हैं और मुश्किल दौर ने उन्हें मजबूत बनाया।
वर्कफ्रंट की बात करें तो कृति सेनन अब अपनी अगली फिल्म “कॉकटेल 2” की तैयारी में जुटी हैं। होमी अदजानिया के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में उनके साथ रश्मिका मंदाना और शाहिद कपूर भी नजर आएंगे। फिल्म 19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
