यूएस ओपन फाइनल में फिर पहुंचे अलेक्जेंडर ज्वेरेव, बोले- 2020 के मुकाबले अब सब कुछ अलग है
चिरौरी न्यूज
न्यूयॉर्क: छह साल पहले यूएस ओपन के फाइनल में मिली दर्दनाक हार के बाद अलेक्जेंडर ज्वेरेव एक बार फिर फ्लशिंग मीडोज में खिताबी मुकाबले में पहुंच गए हैं। दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी ज्वेरेव ने शुक्रवार को रूस के करेन खाचानोव को 6-3, 7-6 (9-7), 7-6 (8-6) से हराकर लगातार तीसरे ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई।
2020 में ज्वेरेव को यूएस ओपन फाइनल में डोमिनिक थीम के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। वह मुकाबला उनके करियर के सबसे कठिन पलों में से एक रहा। लेकिन अब फ्रेंच ओपन में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के बाद ज्वेरेव का आत्मविश्वास काफी बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि 2020 के मुकाबले अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।
“बहुत कुछ हुआ है। मैंने तब से कई फाइनल खेले हैं और कई बड़े मुकाबलों का हिस्सा रहा हूं। उस समय यह मेरा पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल था और मैं अनुभवहीन था। अब सब कुछ अलग है,” ज्वेरेव ने कहा।
2020 में कोरोना महामारी के कारण यूएस ओपन का फाइनल लगभग खाली स्टेडियम में खेला गया था। इस बार ज्वेरेव को खचाखच भरे आर्थर ऐश स्टेडियम में मुकाबला खेलना होगा।
जर्मन खिलाड़ी ने कहा कि रविवार का माहौल पूरी तरह अलग होगा। “मुझे पूरा यकीन है कि रविवार को माहौल भी बहुत-बहुत अलग होगा। बिके हुए टिकटों से भरे आर्थर ऐश स्टेडियम में फाइनल खेलना और खाली स्टेडियम में फाइनल खेलने के मुकाबले शानदार एहसास होगा।”
फाइनल में ज्वेरेव का सामना अमेरिकी खिलाड़ी बेन शेल्टन या फ्रांसेस टियाफो में से किसी एक से होगा। ऐसे में उन्हें घरेलू दर्शकों के दबाव का भी सामना करना पड़ेगा।
खाचानोव के खिलाफ शानदार प्रदर्शन
ज्वेरेव ने खाचानोव के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत शानदार तरीके से की। पहले सेट के अंतिम चरण में उन्होंने निर्णायक ब्रेक हासिल किया और अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए सेट 6-3 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे सेट की शुरुआत में भी ज्वेरेव ने खाचानोव की सर्विस तोड़ दी, लेकिन रूसी खिलाड़ी ने वापसी करते हुए स्कोर बराबर किया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और सेट टाई-ब्रेकर में पहुंच गया।
टाई-ब्रेकर में खाचानोव ने दो सेट प्वाइंट बचाए और 7-7 की बराबरी तक पहुंचे। हालांकि, ज्वेरेव ने अगले ही मौके पर बढ़त बनाई और खाचानोव के फोरहैंड बाहर जाने के साथ दूसरा सेट भी अपने नाम कर लिया।
तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी सर्विस बरकरार रखी और मुकाबला एक बार फिर टाई-ब्रेकर में पहुंचा। खाचानोव ने दो सेट प्वाइंट हासिल किए, लेकिन ज्वेरेव ने दोनों मौकों पर शानदार वापसी की। इसके बाद उन्होंने ऐस लगाकर बढ़त बनाई और खाचानोव के फोरहैंड के बाहर जाने के साथ मैच खत्म कर दिया। मुकाबला 2 घंटे 58 मिनट तक चला।
टूर्नामेंट की खराब शुरुआत से फाइनल तक
ज्वेरेव के लिए इस यूएस ओपन की शुरुआत आसान नहीं रही थी। उन्होंने शुरुआती दो मुकाबले पांच सेटों में जीतकर आगे का सफर तय किया था। हालांकि, इसके बाद उन्होंने शानदार लय हासिल की और लगातार तीन मुकाबलों में एक भी सेट नहीं गंवाया। ज्वेरेव ने कहा, “मेरे लिए सुधार काफी शानदार रहा है। टूर्नामेंट की शुरुआत में मैं सोच रहा था कि यहां खेलना बेकार है, क्योंकि मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा। और अब मैं यहां बैठा हूं और रविवार के फाइनल की तैयारी कर रहा हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “खेल और टेनिस में ऐसा हो सकता है। चीजें सकारात्मक या नकारात्मक दिशा में बहुत तेजी से बदल सकती हैं। मेरे लिए सौभाग्य से इस बार बदलाव सकारात्मक रहा।” अब ज्वेरेव की नजर रविवार के फाइनल पर है। 2020 की अधूरी कहानी के बाद वह इस बार यूएस ओपन ट्रॉफी अपने नाम कर अपने ग्रैंड स्लैम सफर में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ना चाहेंगे। “अब मैं रविवार के लिए तैयारी करने में अपना सब कुछ लगा दूंगा,” ज्वेरेव ने कहा।
