रियान पराग के वेपिंग पर बोले अश्विन, ‘खिलाड़ी ऐसी चीज़ों में न फँसें’
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग के वेपिंग (vaping) वाले मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी स्थितियों से बचा जा सकता था, और इस बात पर ज़ोर दिया कि इस मामले को दबाया नहीं जा सकता।
पंजाब किंग्स के खिलाफ RR की बल्लेबाज़ी के दौरान जब कैमरे ड्रेसिंग रूम की तरफ घूमे, तो कथित तौर पर पराग को ड्रेसिंग रूम के अंदर वेपिंग करते हुए देखा गया। यह फुटेज तुरंत वायरल हो गया, जिससे खिलाड़ियों के अनुशासन और भारतीय कानून के तहत ऐसे उपकरणों की वैधता को लेकर बहस छिड़ गई।
अश्विन ने अपने YouTube चैनल पर कहा, “मुझे लगता है कि यह पूरी तरह से एक ऐसी स्थिति थी जिससे बचा जा सकता था। मैं चाहता हूँ कि खिलाड़ी ऐसी चीज़ों में न फँसें। मैं किसी युवा खिलाड़ी के लिए ऐसा बिल्कुल नहीं चाहता, और यह थोड़ा संवेदनशील मामला भी है। मुझे लगता है कि हर पहलू से, अगर हम कई चीज़ों पर गौर करें, तो इससे बचा जा सकता था।”
उन्होंने आगे कहा, “कभी-कभी ऐसा होता है कि यह एक निजी पसंद होती है, लेकिन आपकी निजी पसंद आपके निजी दायरे में ही होनी चाहिए। अगर आप यह सब सार्वजनिक जगह पर करते हैं, तो उससे आसानी से बचा जा सकता है। मैं बस इतना ही कहूँगा: यह एक बड़े भाई के तौर पर मेरी एक छोटी सी सलाह है। मैं रियान पराग से कहना चाहता हूँ कि आपकी निजी ज़िंदगी में जो कुछ भी होता है, उससे किसी को कोई लेना-देना नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “कोई भी उस बारे में कुछ नहीं कह सकता। लेकिन आप जो कुछ भी करते हैं, उसे अपने निजी दायरे में ही करें, क्योंकि आप एक कप्तान हैं, आप एक फ्रेंचाइज़ी के लीडर हैं। आप शायद कई क्रिकेटरों, कई युवाओं, कई युवा भारतीयों और दुनिया भर के युवा लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं। इसलिए, आपकी कुछ ज़िम्मेदारी भी बनती है।”
बाद में, पराग पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया। गुरुवार को IPL की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पराग ने IPL की आचार संहिता (Code of Conduct) के लेवल 1 का उल्लंघन करने की बात स्वीकार कर ली है; इस लेवल के तहत ‘ऐसा आचरण आता है जिससे खेल की बदनामी होती है।’
अश्विन ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ऐसी घटनाओं को दबाया नहीं जा सकता, और कहा कि “अगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो कोई भी इससे कुछ नहीं सीखेगा।”
