शंघाई के अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में मिथिला पेंटिंग्स की धूम

न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: चीन के शंघाई कला संग्रहालय में आयोजित 10वीं अंतर्रष्ट्रीय पारम्परिक कला प्रदर्शनी में विश्व प्रसिद्ध भारत की मिथिला पेंटिग्स को दर्शकों ने भरपूर सराहा। इस अंतर्रष्ट्रीय पारम्परिक कला प्रदर्शनी में चीन और भारत सहित जापान, दक्षिण क़ोरिया, तुर्की, ईरान, और अमेरिका की कलाकृतियाँ को प्रदर्शित किया गया था। चीन अंतर्रष्ट्रीय पारम्परिक कला प्रदर्शनी का आयोजन करता है जिसमें दुनियां भर के देशों की पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया जाता है।

इस बार विश्व प्रसिद्ध चित्रकला मिथिला पेंटिंग्स को भारत की ओर से प्रदर्शित किया गया, जिसमें भगवान शिव-पार्वती और राष्ट्रीय पक्षी मोर के चित्र को कलाप्रेमी, विदेशी और चीनी लोगों ने विशेष रूप से सराहा।

इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए अनिल राय, शंघाई में भारत के कान्सल जनरल ने सांस्कृतिक धरोहर और कला को संजोने तथा इसके माध्यम से एक दूसरे को समझे जाने पर विशेष ज़ोर दिया। इस प्रदर्शनी के साथ साथ एक निवेश पर चर्चा भी आयोजित की गई थी। इस अवसर पर अनिल राय ने महामारी से निपटने हेतु अर्ली वार्निंग सिस्टम, मानवता की स्वास्थ्य सुरक्षा, और आनेवाली चुनौतियों से निपटने में उपयोगी विषयों पर निवेश केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस से पहले भी मधुबनी के जितवारपुर गांव के रहनेवाले रेमंत कुमार मिश्र २०१७ में चीन में मिथिला पेंटिंग का जादू बिखेर चुके हैं। रेमंत मिथिला पेंटिंग शिल्प के पहले कलाकार हैं जिन्हें ऐसा करने का अवसर चीन में मिला था।

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