महिला एशिया कप 2026 में जीत के बावजूद भारत ने मोहसिन नकवी से नहीं लिया ट्रॉफी

Despite winning the 2026 Women's Asia Cup, India did not accept the trophy from Mohsin Naqvi.चिरौरी न्यूज

दुबई: एशिया कप फाइनल और ट्रॉफी को लेकर विवाद का सिलसिला लगातार दूसरे साल भी देखने को मिला। पिछले साल पुरुष एशिया कप फाइनल में भारतीय टीम से जुड़ा ट्रॉफी विवाद सुर्खियों में रहा था, वहीं इस बार महिला एशिया कप के फाइनल में भी ऐसा ही घटनाक्रम सामने आया। हालांकि, इस बार विवाद के केंद्र में रही भारतीय महिला टीम ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 183/5 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 20 ओवर में 111 रन पर सिमट गई।

भारत की जीत के बाद क्या हुआ?

फाइनल रात करीब 11:20 बजे समाप्त हुआ, लेकिन मैच के बाद होने वाली प्रेजेंटेशन सेरेमनी करीब 12:05 बजे शुरू हुई। श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर फरवीज़ महरूफ़ ने मैच अधिकारियों और उपविजेता श्रीलंकाई टीम को मंच पर बुलाकर समारोह की शुरुआत की। श्रीलंकाई कप्तान चमारी अथापथु को एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के प्रमुख मोहसिन नकवी ने रनर-अप का चेक प्रदान किया। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट (SLC) के अंतरिम प्रमुख एरन विक्रमरत्ने ने श्रीलंकाई खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मेडल दिए।

इसके बाद सभी को उम्मीद थी कि अब विजेता भारतीय टीम को मंच पर बुलाया जाएगा और उसे ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। लेकिन तभी महरूफ़ ने घोषणा कर दी कि मैच के बाद की प्रेजेंटेशन सेरेमनी समाप्त हो गई है।

भारतीय टीम ने मैदान पर ही मनाया जश्न

प्रेजेंटेशन सेरेमनी में भारतीय टीम को ट्रॉफी नहीं मिली। इस दौरान टीम मैदान के दूसरी ओर एक साथ जमा हुई। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवजीत सैकिया भी टीम के साथ मौजूद थे।

सैकिया और शुक्ला ने नंदनी शर्मा को ‘बेस्ट फील्डर’ का मेडल प्रदान किया। इसके बाद सैकिया ने भारतीय खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्हें शानदार जीत की बधाई दी। कुछ देर बाद भारतीय महिला टीम ड्रेसिंग रूम में लौट गई। इस बीच, श्रीलंकाई कप्तान को पुरस्कार देने के तुरंत बाद मोहसिन नकवी स्टेडियम से चले गए। हालांकि, पिछले साल के विपरीत इस बार भी वह एशिया कप की ट्रॉफी लेकर नहीं गए।

‘ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला BCCI का था’

मैच के बाद भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार करना BCCI का फैसला था।

इस घटनाक्रम ने पिछले साल के पुरुष एशिया कप फाइनल की यादें ताजा कर दीं। 28 सितंबर 2025 को दुबई में खेले गए फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। उस समय भी ACC प्रमुख मोहसिन नकवी की मौजूदगी को लेकर विवाद हुआ था।

उस फाइनल के बाद करीब एक घंटे तक ट्रॉफी को लेकर गतिरोध बना रहा। इसके बाद नकवी ने पुरुष एशिया कप की ट्रॉफी को स्टेडियम से हटाने का आदेश दिया था। भारतीय पुरुष टीम ने बिना ट्रॉफी के ही मंच पर जश्न मनाया था और रिपोर्टों के मुताबिक वह ट्रॉफी बाद में ACC कार्यालय में रखी गई। मैच की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और शुरुआत से ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। ओपनर शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए महज 12.5 ओवर में 129 रन की शानदार साझेदारी की। मंधाना ने 59 रन बनाए, जबकि शैफाली ने 68 रन की तूफानी पारी खेली।

मंधाना ने अपना 36वां T20I अर्धशतक पूरा किया। वहीं शैफाली ने सिर्फ 24 गेंदों में अर्धशतक लगाकर महिला एशिया कप के इतिहास में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने मंधाना का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2022 के संस्करण में 25 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। इन दोनों की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 183/5 का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

184 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान चमारी अथापथु ने विश्मी गुणरत्ने के साथ दूसरे विकेट के लिए 58 रन की साझेदारी कर टीम को संभालने की कोशिश की। अथापथु ने 32 गेंदों पर 36 रन बनाए। लेकिन 10वें ओवर में अनुभवी ऑफ-स्पिनर दीप्ति शर्मा ने दोनों बल्लेबाजों को आउट कर श्रीलंका की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया।

पहले अथापथु फ्लाइटेड गेंद पर चकमा खा गईं और विकेटकीपर ऋचा घोष ने उन्हें स्टंप कर दिया। इसके तीन गेंद बाद गुणरत्ने ने स्वीप करने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके पैरों के पास से निकलकर सीधे स्टंप्स पर जा लगी। 10 ओवर के बाद श्रीलंका का स्कोर 63/3 था और जीत के लिए रन रेट 12 से ज्यादा हो चुका था। इसके बाद श्रीलंकाई टीम लगातार विकेट गंवाती गई और पूरी टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से श्री चरणी ने 4 विकेट लेकर शानदार गेंदबाजी की, जबकि दीप्ति शर्मा ने भी अहम भूमिका निभाई।

भारत ने आठवीं बार जीता महिला एशिया कप

इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने महिला एशिया कप के इतिहास में अपना दबदबा कायम रखते हुए आठवीं बार खिताब जीत लिया। बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत और गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन ने भारत को एकतरफा जीत दिलाई। मैदान पर भारत ने इतिहास रचा, लेकिन मैच के बाद ट्रॉफी से जुड़ा घटनाक्रम एक बार फिर एशिया कप के साथ जुड़े विवाद को चर्चा में ले आया।

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