दुबई सड़क हादसे में जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के 3 श्रमिकों के परिवारों को यूएई स्थित भारतीय परोपकारी डॉ. शमशीर वायलिल से मिलेगी ₹26-26 लाख की सहायता
चिरौरी न्यूज
दुबई/लखनऊ: दुबई की एमिरेट्स रोड पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सात लोगों में शामिल उत्तर प्रदेश के तीन श्रमिकों के परिवारों को राहत देने के लिए एनआरआई उद्यमी, परोपकारी और बर्जील होल्डिंग्स के चेयरमैन एवं सीईओ डॉ. शमशीर वायलिल ने ₹2.6 करोड़ के मानवीय सहायता एवं पुनर्वास पैकेज की घोषणा की है।
इस हादसे में सात लोगों की मृत्यु हुई थी, जिनमें छह भारतीय नागरिक शामिल थे। मृत भारतीयों में तीन उत्तर प्रदेश और तीन तेलंगाना के निवासी थे। सड़क दुर्घटना ने उत्तर प्रदेश के उन परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है, जिनके सदस्य रोज़गार के लिए हजारों किलोमीटर दूर दुबई में काम कर रहे थे।
डॉ. शमशीर द्वारा घोषित सहायता कार्यक्रम के तहत हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को ₹26 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अनुसार, उत्तर प्रदेश के तीन मृतकों के परिवार भी इस सहायता के पात्र होंगे। इसके अलावा, घायल बचे लोगों के उपचार और पुनर्वास के लिए ₹47 लाख, प्रभावित परिवारों के सदस्यों की आपातकालीन यात्रा और आवास के लिए ₹18 लाख तथा बच्चों की शिक्षा के लिए ₹13 लाख का प्रावधान किया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, दुबई स्थित एक कंपनी के कर्मचारियों को ले जा रही मिनीबस एमिरेट्स रोड पर खड़े एक ट्रक से टकरा गई थी। दुर्घटना में कई लोग घायल भी हुए। नौ घायल बचे लोगों में आठ भारतीय नागरिक हैं। इनमें से पांच को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि तीन भारतीय अभी भी विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
डॉ. शमशीर ने कहा कि सहायता योजना की जानकारी दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को दे दी गई है, ताकि प्रभावित भारतीय परिवारों, विशेषकर उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के शोकग्रस्त परिवारों तक मदद समय पर पहुंचाई जा सके।
उन्होंने कहा, “हालांकि हम प्रभावित भारतीय परिवारों के संबंध में भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ समन्वय कर रहे हैं, लेकिन हमारी सहायता इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों तक पहुंचेगी। यह हमारी साझा मानवता के प्रति सम्मान का प्रतीक है।”
दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए डॉ. शमशीर ने कहा कि यह हादसा उन प्रवासी श्रमिकों के संघर्ष और त्याग की याद दिलाता है, जो अपने परिवारों के बेहतर भविष्य के लिए विदेशों में काम करते हैं।
उन्होंने कहा, “यह एक बेहद हृदयविदारक त्रासदी है, जिसने कई देशों के परिवारों को प्रभावित किया है। ये वे श्रमिक थे जो अपने प्रियजनों के लिए उम्मीदें, जिम्मेदारियां और सपने लेकर यहां आए थे। कोई भी आर्थिक सहायता खोई हुई जिंदगियों की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन हमें उम्मीद है कि यह मदद शोकग्रस्त परिवारों को कुछ राहत देगी और घायलों के स्वस्थ होने की प्रक्रिया में सहायक होगी। इस कठिन समय में हम हर प्रभावित परिवार के साथ खड़े हैं।”
