बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद पीएम मोदी बोले, ‘बंगाल में अब “परिबर्तन” आ चुका है’
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पारंपरिक बंगाली अंदाज़ में धोती पहने, उत्साह से भरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि अब “गंगोत्री से गंगा सागर तक” हर जगह कमल (भारतीय जनता पार्टी का चुनाव चिह्न) खिल चुका है। उन्होंने यह बात बंगाल में पार्टी की ऐतिहासिक जीत और असम में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के बाद दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में जश्न मना रहे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का एक हिस्सा बंगाली भाषा में देते हुए कहा कि बंगाल में अब “परिबर्तन” (बदलाव) आ चुका है। उन्होंने घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी संकेत दिया।
उन्होंने कहा, “गंगोत्री से गंगा सागर तक अब कमल खिल चुका है — उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब पश्चिम बंगाल में भी। आज गंगा के किनारे बसे अधिकांश राज्यों में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकारें हैं।” इस दौरान उन्होंने गंगा के उद्गम स्थल उत्तराखंड से लेकर उसके सागर में मिलने तक के पूरे भूगोल को प्रतीकात्मक रूप से भाजपा की राजनीतिक सफलता से जोड़ा।
प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि बंगाल में यह जीत एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने याद दिलाया कि यह वही भूमि है जहाँ जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म हुआ था। उन्होंने कहा, “बांग्ला में अब परिवर्तन आ चुका है और जनता ने भारतीय जनता पार्टी को एक अवसर दिया है।”
वहीं, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने इस जीत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने “100 सीटें लूट लीं” और इसे “अनैतिक जीत” करार दिया। उन्होंने कहा, “यह लूट है, लूट है, लूट है। हम मजबूती से वापसी करेंगे।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि चुनाव के दौरान ‘डर’ का माहौल बनाया गया था, लेकिन अब बंगाल में ‘डर’ की जगह ‘भरोसा’ लेगा। उन्होंने कहा, “आज से बंगाल भय से मुक्त होकर विकास के आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा।”
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचारों का भी जिक्र किया और कहा कि उन्हें भारी कठिनाइयों और अन्याय का सामना करना पड़ा है। बंगाल के भविष्य को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ‘बदलाव’ पर ध्यान देगी, ‘बदले’ पर नहीं; ‘भविष्य’ पर ध्यान देगी, ‘डर’ पर नहीं।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन पर रोक लगेगी। साथ ही, घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह विषय चुनाव में प्रमुख रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने देने के कारण तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और कांग्रेस को महिला मतदाताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैंने पहले ही चेतावनी दी थी कि जो पार्टियां महिलाओं के अधिकारों का विरोध करेंगी, उन्हें जनता जवाब देगी। आज देश की महिलाओं ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को उसका उत्तर दे दिया है।”
