विश्व श्रमिक दिवस पर गौतम अदाणी का बड़ा संदेश: “हर श्रमिक है राष्ट्र निर्माता, मिलकर बनाएंगे विकसित भारत”

Gautam Adani’s Major Message on International Workers' Day: “Every Worker is a Nation Builder; Together, We Will Build a Developed India.”चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर अदाणी  समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी  ने देशभर के कर्मचारियों और सहयोगियों को संबोधित करते हुए एक विस्तृत और प्रेरणादायक संदेश दिया। “अपनी बात, अपनों के साथ” संवाद श्रृंखला के तहत दिए गए इस भाषण में उन्होंने श्रमिकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण की नींव बताते हुए भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया।

उन्होंने कहा कि जीवन एक सतत यात्रा है—अतीत से सीखते हुए वर्तमान को समझना और भविष्य का निर्माण करना ही सफलता का आधार है। अदाणी  समूह की प्रगति भी इसी सोच पर आधारित रही है, जहाँ हर अनुभव और हर निर्णय सामूहिक विकास का हिस्सा है।

“आज का दिन हर मेहनतकश के नाम”

गौतम अदाणी  ने कहा कि विश्व श्रमिक दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि मेहनत, साहस और समर्पण का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह दिन हर उस व्यक्ति का है जो कठिन परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़ता है और अपने पसीने की ताकत पर विश्वास करता है।

इस अवसर को उन्होंने अपने जीवन से भी जोड़ा और बताया कि 1 मई 1986 को उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति के साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की थी। इस वर्ष उन्होंने इस खास दिन की शुरुआत केदारनाथ धाम में दर्शन कर की, जहाँ उन्होंने देश की समृद्धि और सभी के सुख-स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की।

विकसित भारत के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

अदाणी  ने कहा कि भारत आज एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और पूरी दुनिया उम्मीद भरी नजरों से उसकी ओर देख रही है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का साझा संकल्प है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हर व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो। इस संदर्भ में उन्होंने रामायण की गिलहरी की कहानी सुनाते हुए बताया कि सच्चा महत्व योगदान देने में है, न कि उसके आकार में।

बड़े प्रोजेक्ट्स से बदल रही देश की तस्वीर

अपने संबोधन में अदाणी  ने समूह की प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे ये प्रोजेक्ट्स देश के विकास को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने मुंद्रा बंदरगाह को देश का सबसे बड़ा बंदरगाह बताया, जो भारत को वैश्विक व्यापार से जोड़ रहा है।

इसके साथ ही विझिंजम बंदरगाह, खावड़ा में बन रहे हरित ऊर्जा प्रोजेक्ट और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक बताया।

उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया, जो मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा समय को लगभग आधा कर देगा और करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करेगा।

गौतम अदाणी  ने धारावी पुनर्विकास परियोजना को अपने जीवन की सबसे चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक कर्तव्य है, जिससे लाखों लोगों को बेहतर जीवन मिल सकेगा।

संगठन में बड़े बदलावों का ऐलान

भविष्य की रणनीति साझा करते हुए अदाणी  ने तीन बड़े बदलावों की घोषणा की:

  • तीन-स्तरीय मॉडल: निर्णय प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए
  • साझेदारी मॉडल: कर्मचारियों और भागीदारों के बीच मजबूत तालमेल
  • सीख और विकास: हर कर्मचारी को आगे बढ़ने के अवसर देना

उन्होंने कहा कि ये तीनों बदलाव मिलकर संगठन को अधिक सक्षम और तेज बनाएंगे।

“आप कर्मचारी नहीं, राष्ट्र निर्माता हैं”

अपने भावुक संबोधन में अदाणी  ने कहा कि आज अदाणी  समूह के साथ 4 लाख से अधिक लोग जुड़े हैं और हर व्यक्ति इस सफलता की नींव है। उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माता हैं।

उन्होंने पाँच मूल सिद्धांतों—स्थानीय रोजगार, कौशल विकास, स्पष्ट करियर मार्ग, उचित वेतन और सम्मानजनक जीवन—को संगठन की ताकत बताया।

अदाणी  ने कहा कि उनकी हर परियोजना “मिनी इंडिया” की तरह है, जहाँ देश के विभिन्न राज्यों से आए लोग एक साथ काम करते हैं। यही विविधता और एकता भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

अपने संबोधन के अंत में गौतम अदाणी  ने सभी से आह्वान किया कि वे अपने काम को केवल नौकरी न समझें, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान के रूप में देखें। उन्होंने कहा, “यही हमारी यात्रा है, यही हमारा संकल्प है और यही हमारा भविष्य है।”

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