वैभव सूर्यवंशी की T20 टीम में जगह पर इरफ़ान पठान बोले, ‘जिसकी जगह आया है, उसकी वापसी मुश्किल’
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: इंग्लैंड दौरा भले ही वैभव सूर्यवंशी के लिए उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा हो, लेकिन ज़िम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में इस 15 वर्षीय बल्लेबाज़ ने अपने प्रदर्शन से साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी और परिपक्व सोच से वैभव ने न सिर्फ़ क्रिकेट विशेषज्ञों का दिल जीता, बल्कि टीम इंडिया में अपनी जगह को लेकर भी मजबूत दावेदारी पेश कर दी।
तीन मैचों की सीरीज़ में वैभव सूर्यवंशी ने 50.33 की शानदार औसत और 196.10 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से कुल 151 रन बनाए। इस प्रदर्शन के दम पर वह सीरीज़ के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ रहे। उन्होंने अपने साथी बल्लेबाज़ ईशान किशन को भी पीछे छोड़ दिया और भारत ने ज़िम्बाब्वे का 3-0 से क्लीन स्वीप कर सीरीज़ अपने नाम की।
इरफ़ान पठान का बड़ा बयान
वैभव के प्रदर्शन से प्रभावित पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफ़ान पठान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनकी जमकर तारीफ की। उन्होंने संकेत दिया कि जिस खिलाड़ी की जगह वैभव टीम में आए हैं, उसके लिए अब वापसी आसान नहीं होगी। माना जा रहा है कि इरफ़ान का इशारा विकेटकीपर-बल्लेबाज़ संजू सैमसन की ओर था।
इरफ़ान ने लिखा, “जिसकी भी जगह लेगा यह बच्चा, उसे वापस नहीं आने देगा… यह वैभव सूर्यवंशी कितना खास है?” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
वीवीएस लक्ष्मण ने की परिपक्वता की तारीफ
सीरीज़ के तीसरे टी20 मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्यवाहक मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने भी वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में युवा बल्लेबाज़ की सोच और खेल दोनों में जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है।
लक्ष्मण ने कहा, “सबसे प्रभावशाली बात यह है कि एक इंसान के तौर पर वैभव में कितना बदलाव आया है। पिछले छह महीनों में उसकी मैच्योरिटी, खेल की समझ और परिस्थितियों को पढ़ने की क्षमता काफी बढ़ी है। यही वजह है कि वह मुश्किल हालात में भी खुद को संभालने में सफल रहा।”
उन्होंने आगे कहा कि अंडर-19 क्रिकेट खेलने के कुछ ही महीनों बाद वैभव ने आईपीएल जैसे बेहद प्रतिस्पर्धी मंच पर अपनी प्रतिभा साबित की।
“आईपीएल में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ों के खिलाफ जिस आत्मविश्वास और निडरता से उसने बल्लेबाज़ी की, वह उसकी असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है। अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उसने दिखा दिया है कि उसके पास क्लास, टैलेंट और बड़े खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है।”
भारतीय क्रिकेट का नया सितारा
महज़ 15 साल की उम्र में जिस तरह वैभव सूर्यवंशी लगातार बड़े मंच पर खुद को साबित कर रहे हैं, उसने चयनकर्ताओं के सामने सुखद चुनौती खड़ी कर दी है। ज़िम्बाब्वे दौरे में उनकी बेखौफ बल्लेबाज़ी, तेज़ रन बनाने की क्षमता और दबाव में संयम ने यह संकेत दे दिया है कि भारतीय टी20 टीम को आने वाले वर्षों के लिए एक नया मैच विनर मिल सकता है।
अब सभी की निगाहें टीम इंडिया की अगली टी20 सीरीज़ पर होंगी, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि वैभव सूर्यवंशी अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए भारतीय टीम में अपनी जगह और मजबूत कर पाते हैं या नहीं।
