स्टीफन फ्लेमिंग बने इंग्लैंड टेस्ट टीम के नए हेड कोच, जो रूट फिर संभालेंगे कप्तानी

Stephen Fleming appointed as England Test team's new head coach; Joe Root to take over captaincy again.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने इंग्लैंड की पुरुष टेस्ट टीम में बड़े बदलावों का ऐलान करते हुए न्यूज़ीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग को नया हेड कोच नियुक्त किया है। फ्लेमिंग इस पद पर ब्रेंडन मैकुलम की जगह लेंगे, जबकि बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अनुभवी बल्लेबाज़ जो रूट को दोबारा टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई है।

ECB ने बताया कि व्यापक और प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद फ्लेमिंग को सर्वसम्मति से चुना गया। बोर्ड का मानना है कि उनका विशाल कोचिंग अनुभव और जो रूट की नेतृत्व क्षमता मिलकर इंग्लैंड के टेस्ट क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

कोच बनना सम्मान की बात

अपनी नियुक्ति पर खुशी जताते हुए स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, “इंग्लैंड की टेस्ट टीम का हेड कोच बनना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। यह विश्व क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित कोचिंग पदों में से एक है और मैं इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए उत्साहित हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं खिलाड़ियों के साथ काम करने और ब्रेंडन मैकुलम तथा बेन स्टोक्स द्वारा रखी गई मजबूत नींव को आगे बढ़ाने का इंतजार कर रहा हूं। हमारा लक्ष्य सिर्फ मैच जीतना नहीं होगा, बल्कि ऐसी टीम तैयार करना भी होगा जो आने वाले वर्षों में लगातार सफलता हासिल कर सके। टीम में कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं और हम उन्हें विश्व स्तरीय क्रिकेटर बनने में मदद करना चाहते हैं।”

शानदार कोचिंग करियर के साथ इंग्लैंड पहुंचे फ्लेमिंग

53 वर्षीय स्टीफन फ्लेमिंग दुनिया के सबसे सफल क्रिकेट कोचों में गिने जाते हैं। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ 18 वर्षों तक काम किया और टीम को पांच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) खिताब दिलाने के साथ 10 बार फाइनल तक पहुंचाया।

इसके अलावा उन्होंने 2023 में ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट में सदर्न ब्रेव को फाइनल तक पहुंचाया। फ्लेमिंग मेलबर्न स्टार्स के साथ भी काम कर चुके हैं और दक्षिण अफ्रीका तथा अमेरिका में CSK की सहयोगी टीमों के साथ भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

एक खिलाड़ी के रूप में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा। उन्होंने न्यूज़ीलैंड के लिए 111 टेस्ट मैच खेले और रिकॉर्ड 80 टेस्ट मैचों में कप्तानी करते हुए टीम को 28 जीत दिलाईं। काउंटी क्रिकेट में भी उन्होंने नॉटिंघमशायर को 2005 का काउंटी चैंपियनशिप खिताब दिलाकर क्लब का लंबे समय से चला आ रहा खिताबी इंतजार खत्म कराया।

जो रूट की कप्तानी में दूसरी पारी

35 वर्षीय जो रूट एक बार फिर इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी करेंगे। इससे पहले उन्होंने 2017 से 2022 के बीच टीम का नेतृत्व किया था। अपने पहले कार्यकाल में रूट ने 64 टेस्ट मैचों में कप्तानी की, जिनमें इंग्लैंड ने 27 मुकाबले जीते। यह किसी भी इंग्लिश टेस्ट कप्तान द्वारा दर्ज सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड है।

हालांकि ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के कठिन दौरों में खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी, लेकिन इसके बावजूद रूट को इंग्लैंड के सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में गिना जाता है।

रूट बोले, फ्लेमिंग के साथ काम करना बड़ी प्रेरणा

दोबारा कप्तानी मिलने पर जो रूट ने कहा, “इंग्लैंड की टेस्ट टीम का कप्तान फिर से चुना जाना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है। टेस्ट कप्तानी चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन इससे बड़ा सम्मान कोई नहीं हो सकता। मैं खिलाड़ियों की नई पीढ़ी का नेतृत्व करने के लिए उत्साहित हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “स्टीफन फ्लेमिंग जैसे अनुभवी कोच के साथ काम करने का अवसर मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने वर्षों तक अपनी नेतृत्व क्षमता और खेल की गहरी समझ साबित की है। मुझे विश्वास है कि हम मिलकर जीत की मजबूत संस्कृति तैयार करेंगे।”

बल्ले से भी लगातार चमकते रहे हैं रूट

कप्तानी छोड़ने के बाद भी जो रूट का बल्ला लगातार रन उगलता रहा। उन्होंने सर एलिस्टर कुक को पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम किया और टेस्ट इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों की ऑल-टाइम सूची में शीर्ष पांच में जगह बनाई।

हाल ही में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अंतरिम कप्तान के रूप में भी उनके नेतृत्व ने प्रभावित किया, जिससे ECB का यह विश्वास और मजबूत हुआ कि बदलाव के इस दौर में टीम का नेतृत्व करने के लिए रूट सबसे उपयुक्त विकल्प हैं।

इंग्लैंड के टेस्ट क्रिकेट में नए दौर की शुरुआत

स्टीफन फ्लेमिंग के विशाल कोचिंग अनुभव और जो रूट के नेतृत्व के साथ इंग्लैंड ने अपने टेस्ट क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत की है। बोर्ड को उम्मीद है कि यह नई जोड़ी ब्रेंडन मैकुलम और बेन स्टोक्स द्वारा बनाई गई मजबूत नींव को आगे बढ़ाएगी और इंग्लैंड को घरेलू और विदेशी दोनों परिस्थितियों में लगातार सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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