‘डॉन 3’ विवाद पर बोले सुनील शेट्टी, ‘रणवीर सिंह ने 3500 करोड़ का बिजनेस दिया है’

Sunil Shetty speaks on the 'Don 3' controversy: 'Ranveer Singh has delivered business worth ₹3,500 crore.'चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर अभिनेता रणवीर सिंह के कथित तौर पर बाहर होने के विवाद के बीच अब अभिनेता सुनील शेट्टी खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने रणवीर पर बैन लगाने की मांग पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी कलाकार को काम करने से रोकने का अधिकार किसी के पास नहीं है।

‘वेलकम टू द जंगल’ के प्रमोशन के दौरान मीडिया से बातचीत में सुनील शेट्टी ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि जिस अभिनेता ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को हजारों करोड़ रुपये का कारोबार दिया हो, उसे बैन करने की बात आखिर क्यों की जा रही है।

उन्होंने कहा, “बैन करने वाले आप कौन होते हैं? ज़रा समझने की कोशिश कीजिए कि इस लड़के ने इंडस्ट्री को करीब 3,500 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दिया है। आप उसे बैन क्यों करना चाहेंगे? अगर आप उसी चीज़ को रोकेंगे, जिसे लोग देखना चाहते हैं, तो आखिर हासिल क्या होगा?”

सुनील शेट्टी ने साफ कहा कि किसी कलाकार पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार किसी संस्था के पास नहीं है। टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “कोई भी किसी एक्टर को बैन नहीं कर सकता। कोई भी कला पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता। किसी को ऐसा करने का अधिकार नहीं है। अगर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में जाए तो एक सेकंड में खारिज हो जाएगा।”

कैसे शुरू हुआ ‘डॉन 3’ विवाद?

दरअसल, पिछले कुछ समय से ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थीं कि फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से रणवीर सिंह कथित तौर पर बाहर हो गए हैं। शुरुआत में इसे निर्देशक और अभिनेता के बीच रचनात्मक मतभेद (Creative Differences) माना गया, लेकिन बाद में मामला अनुबंध (Contract) और मुआवजे (Compensation) तक पहुंच गया।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि फिल्म से अलग होने के बाद एक्सेल एंटरटेनमेंट ने प्री-प्रोडक्शन पर हुए खर्च की भरपाई के लिए रणवीर सिंह से करीब 45 करोड़ रुपये की मांग की थी। हालांकि इस दावे पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मामला तब और बढ़ गया जब फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग (Non-Cooperation) का निर्देश जारी कर दिया। इसके जवाब में रणवीर सिंह ने संस्था को कानूनी नोटिस भेजा। उनकी कानूनी टीम का कहना था कि किसी कलाकार पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार FWICE के पास नहीं है।

बातचीत से निकला समाधान

सुनील शेट्टी ने भरोसा जताया कि फरहान अख्तर और रणवीर सिंह बातचीत के जरिए अपने मतभेद सुलझा सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में संवाद ही हर विवाद का सबसे अच्छा समाधान है। बाद में इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच गतिरोध खत्म हो गया। इसके बाद FWICE ने भी अपना असहयोग निर्देश वापस ले लिया।

हालांकि फिलहाल यह विवाद शांत हो चुका है, लेकिन सुनील शेट्टी के बयान ने बॉलीवुड में कलाकारों की रचनात्मक स्वतंत्रता, इंडस्ट्री संगठनों के अधिकार और फिल्मी सितारों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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