बागी विधायकों की जांच की मांग के बाद तृणमूल कांग्रेस के करोड़ों रुपये के बैंक खाते फ्रीज़

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों से पैसे निकालने या खर्च करने (डेबिट ऑपरेशन) पर रोक लगा दी गई है। इन खातों में लगभग 440 करोड़ रुपये हैं। पार्टी के बागी विधायकों की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया है, जिसमें इन फंड के सोर्स की जांच की मांग की गई थी। इस कदम ने विपक्षी पार्टी के अंदर फाइनेंस पर कंट्रोल को लेकर चल रही अंदरूनी लड़ाई को और तेज़ कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्राइवेट सेक्टर के बैंक में मौजूद इन तीन खातों को “डेबिट फ्रीज़” कर दिया गया है। इसका मतलब है कि इनसे पैसे निकाले या बाहर नहीं भेजे जा सकते, हालांकि इनमें पैसे जमा (क्रेडिट) होते रह सकते हैं।
यह कार्रवाई हालिया विधानसभा चुनावों में हार के बाद पार्टी के ऑर्गनाइज़ेशनल और फाइनेंशियल ढांचे पर कंट्रोल को लेकर TMC के अंदर पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास और विपक्ष के नेता रिताब्रता बनर्जी के गुटों के बीच बढ़ती सत्ता की लड़ाई के बीच हुई है।
यह रोक बनर्जी के साथ जुड़े 10 विधायकों की शिकायतों के बाद लगाई गई। उन्होंने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के तहत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराकर FIR और खातों की विस्तृत जांच की मांग की थी।
यह ताज़ा घटनाक्रम TMC के सीनियर नेता अरूप बिस्वास द्वारा बैंक को लिखे गए पत्र के कुछ दिनों बाद हुआ है। उन्होंने खातों की सुरक्षा और ट्रांज़ैक्शन रोकने की मांग करते हुए कहा था कि पार्टी की जमा राशि – जिसका अनुमान 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा है – को तब तक ऑपरेट नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि संगठन के भीतर नेतृत्व का विवाद सुलझ न जाए। जहाँ बिस्वास ने खातों के मैनेजमेंट और कंट्रोल को लेकर चिंता जताते हुए उन्हें फ्रीज़ करने की मांग की थी, वहीं बागी विधायकों ने अब फंड के सोर्स की आपराधिक जांच की मांग की है।
ये शिकायतें उसी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गईं जो अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान हुई गड़बड़ी के मामले में बिस्वास के खिलाफ दर्ज FIR की जांच कर रहा है।
