गौतम गंभीर ने आलोचनाओं पर तोड़ी चुप्पी, ‘मेरा काम ट्रॉफियां जीतना है, लोगों के लाइक्स की परवाह नहीं’

Gautam Gambhir breaks silence on criticism: ‘My job is to win trophies; I don’t care about people’s likes.’चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को खराब नतीजों के बाद हो रही आलोचनाओं और ‘बाहरी शोर’ से कोई फर्क नहीं पड़ता। गंभीर का कहना है कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ भारतीय टीम को ट्रॉफियां जिताने पर है। जुलाई 2024 में टीम इंडिया के हेड कोच की जिम्मेदारी संभालने के बाद से भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को निराशाजनक नतीजे मिले। हालांकि, इंग्लैंड में खेली गई टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराना टीम के लिए एक सकारात्मक नतीजा रहा।

शनिवार को मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर से जब उनकी आलोचनाओं को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने बेबाक अंदाज में जवाब दिया। गंभीर ने कहा, “आलोचना? मेरा काम ट्रॉफियां जीतना है। मैं बस इसी में यकीन रखता हूं। यही मुझमें और बाकी लोगों में फर्क है। मुझे लोगों की राय या लाइक्स की परवाह नहीं है।”

अगरकर से बातचीत पर भी दिया जवाब

गंभीर से चयन समिति के चेयरमैन अजीत अगरकर के साथ उनकी बातचीत को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि दोनों के बीच होने वाली चर्चा का मकसद भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाना और सही फैसले करना है।

उन्होंने कहा, “काश मैं आपको हेड कोच और चयन समिति के चेयरमैन के बीच हुई बातचीत के बारे में बता पाता। यह बातचीत सिर्फ इस बारे में होती है कि हम क्रिकेट में कैसे आगे बढ़ना चाहते हैं, क्या महत्वपूर्ण है और खेल की बेहतरी के लिए सही फैसले क्या हैं।”

गंभीर ने साफ किया कि टीम मैनेजमेंट और चयन समिति के बीच बातचीत का केंद्र सिर्फ क्रिकेट और भारतीय टीम का भविष्य है।

खिलाड़ियों की चोट ने बढ़ाई मुश्किलें

गंभीर ने यह भी माना कि खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने को लेकर लीडरशिप ग्रुप में चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सीरीज में भी कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण टीम का हिस्सा नहीं हैं।

उन्होंने कहा, “इस सीरीज में भी हमारे कई खिलाड़ी नहीं खेल पा रहे हैं। हमारी किस्मत थोड़ी खराब रही है। यह सिर्फ BCCI की बात नहीं है। कुल मिलाकर हम चाहते हैं कि हमारे बेहतरीन खिलाड़ी जितना हो सके उतना क्रिकेट खेलें।”

गंभीर के मुताबिक, प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता टीम में निरंतरता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीम चाहती है कि उसके सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नियमित रूप से मैदान पर उतरें।

WTC में पांचवें नंबर पर है भारत

भारतीय टीम फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के बाद पांचवें स्थान पर है। हालांकि, गंभीर इस रैंकिंग को ज्यादा महत्व नहीं देते।

उन्होंने कहा, “रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद से हमने ठीक-ठाक टेस्ट क्रिकेट खेला है। मुझे लगता है कि हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं।”

गंभीर ने आगे कहा कि टीम में बदलाव के दौर के दौरान उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि प्रेस बॉक्स और कमेंट्री बॉक्स में बैठे लोग जानते हैं कि हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। उतार-चढ़ाव तो आएंगे ही। लेकिन हमें पता है कि हम कहां सही कर रहे हैं।”

गंभीर के बयान से साफ है कि वह मौजूदा आलोचनाओं से प्रभावित होने के बजाय टीम के प्रदर्शन और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। उनके लिए फिलहाल रैंकिंग, आलोचना या बाहरी राय से ज्यादा महत्वपूर्ण भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी ट्रॉफियां जीतना है।

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