राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद अखिलेश यादव का सरकार पर हमला, ‘NEET छात्रों का मुद्दा है, राजनीति का नहीं’

चिरौरी न्यूज
चिरौरी न्यूज नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। इसी बीच समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पष्ट कहा कि NEET का मुद्दा किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों का है।
लोकसभा में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, “यह समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या बीजेपी का मुद्दा नहीं है। यह किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि छात्रों का मुद्दा है। आपने उन्हें बुलाया, फिर समझौता कर लिया। यह सही नहीं है। हमें मजबूर होकर प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करना पड़ा।”
राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच रणनीतिक बैठक
संसद के मानसून सत्र के बीच विपक्षी रणनीति को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीच अहम बैठक हुई। यह बैठक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कमरे में करीब एक घंटे तक चली। बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में INDIA गठबंधन की रणनीति, NEET पेपर लीक विवाद, परीक्षा प्रणाली में सुधार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा राम मंदिर दान चोरी के आरोपों और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
संसद में सरकार को घेरने की तैयारी
बताया जा रहा है कि बैठक में संसद के भीतर सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार की गई। विपक्ष की कोशिश है कि NEET पेपर लीक, अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, छात्रों के आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को संसद में प्रमुखता से उठाया जाए।
संसद परिसर से कुछ दूरी पर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। प्रदर्शनकारी छात्र चाहते हैं कि विपक्ष उनकी मांगों को संसद में मजबूती से उठाए। ऐसे में राहुल गांधी और अखिलेश यादव की बैठक को विपक्षी एकजुटता और आगामी संसदीय रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि संसद के भीतर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन के अन्य दल NEET विवाद और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को किस तरह घेरते हैं।
