विधानसभाओं के आम चुनाव और उपचुनाव 2026: 1400 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध सामग्री जब्त

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने वर्ष 2026 के विधानसभा आम चुनावों और उपचुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता (MCC) के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठाए। आयोग के अनुसार, असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों तथा 5 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के दौरान 1400 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध नकदी, शराब, मादक पदार्थ और अन्य प्रलोभन सामग्री जब्त की गई।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल की 144-फाल्टा विधानसभा सीट को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आदर्श आचार संहिता समाप्त हो चुकी है।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान आयोग ने चुनावी राज्यों और उनसे सटे राज्यों के मुख्य सचिवों, मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO), पुलिस महानिदेशकों (DGP) तथा प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई समीक्षा बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों का उद्देश्य निष्पक्ष, भयमुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करना था।
चुनाव निगरानी को मजबूत करने के लिए विभिन्न केंद्रीय सेवाओं से 376 व्यय प्रेक्षकों की तैनाती की गई। इनमें IRS (IT), IRS (C&IT), IA&AS, IRAS, IDAS, IP&TAFS और ICAS के अधिकारी शामिल थे। इसके अलावा, 7,470 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें (FST) और 7,470 स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST) भी मैदान में उतारी गईं।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि जब्ती की कार्रवाई को “इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ESMS)” नामक आईटी प्लेटफॉर्म के जरिए और अधिक प्रभावी बनाया गया। 26 फरवरी 2026 से सक्रिय इस प्रणाली ने विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और सूचना साझा करने की प्रक्रिया को तेज किया।
आयोग के अनुसार, वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार जब्ती की राशि में 40.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में कुल जब्ती 1029.93 करोड़ रुपये थी। पश्चिम बंगाल में जब्ती में सबसे अधिक 68.92 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि तमिलनाडु में यह बढ़ोतरी 48.40 प्रतिशत रही।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि इन सख्त कार्रवाइयों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप बनाए रखना है।
