बंगाल उपचुनाव से पहले कांग्रेस ने ठुकराया ममता का गठबंधन प्रस्ताव, अकेले चुनाव लड़ने का फैसला

चिरौरी न्यूज
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिशों को झटका लगा है। रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने उपचुनाव में अकेले मैदान में उतरने का फैसला किया है।
हालांकि दोनों दलों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रिपोर्टों के अनुसार, ममता बनर्जी ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से फोन पर संपर्क कर गठबंधन का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में सबसे पहले अपने उम्मीदवारों का ऐलान करते हुए हाई-वोल्टेज नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतार दिए हैं। इन दोनों सीटों पर अगले महीने उपचुनाव होना है।
नंदीग्राम पर होगी सबकी नजर
नंदीग्राम सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई मानी जा रही है। यह सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भवानीपुर सीट बरकरार रखने के बाद खाली हुई है। सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराया था।
वहीं, रेजीनगर मुर्शिदाबाद जिले की अल्पसंख्यक बहुल विधानसभा सीट है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ममता बनर्जी ने कांग्रेस को नंदीग्राम सीट देने की पेशकश की थी और बदले में रेजीनगर सीट पर कांग्रेस का समर्थन चाहा था।
कांग्रेस ने रखी ‘बिना शर्त’ समर्थन की शर्त
प्रदेश कांग्रेस के भीतर भी तृणमूल के साथ गठबंधन को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कांग्रेस नेता सरकार के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस फिलहाल आंतरिक संकट और चुनाव चिह्न को लेकर संभावित विवाद से जूझ रही है।
उन्होंने दावा किया कि अगर चुनाव चिह्न को लेकर विवाद बढ़ता है तो इसका असर तृणमूल के राजनीतिक अभियान पर पड़ सकता है। सरकार ने यह भी कहा कि यदि ममता बनर्जी को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने के लिए कांग्रेस की जरूरत है, तो कांग्रेस के दरवाजे खुले हैं, लेकिन समर्थन बिना किसी शर्त के कांग्रेस के पक्ष में होना चाहिए।
पश्चिम बंगाल में उपचुनाव 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है। यह भाजपा के राज्य में सत्ता में आने के बाद होने वाला पहला विधानसभा उपचुनाव होगा। ऐसे में नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों के नतीजों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ पूरे देश की नजर रहेगी।
उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख कल है। लिहाजा आने वाले घंटों में बंगाल की राजनीति में और भी बड़े ऐलान देखने को मिल सकते हैं।
