फ्रांस फुटबॉल टीम के नए कोच बने जिनेदिन जिदान
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: फ्रांस के महान फुटबॉलरों में शुमार जिनेदिन जिदान आखिरकार राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच बन गए हैं। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन (FFF) ने मंगलवार को उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की। 54 वर्षीय जिदान ने डिडिएर डेसचैम्प्स की जगह ली है, जिनका 2026 फीफा विश्व कप में फ्रांस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद 14 वर्षों का सफल कार्यकाल समाप्त हो गया।
डेसचैम्प्स के नेतृत्व में फ्रांस ने पिछले डेढ़ दशक में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन 2026 विश्व कप का अंत टीम के लिए निराशाजनक रहा। सेमीफाइनल में फ्रांस को बाद में चैंपियन बनी स्पेन ने बाहर कर दिया, जबकि तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने 6-4 से हराकर ‘लेस ब्लूज़’ को चौथे स्थान पर धकेल दिया। इसके साथ ही फ्रांस के सबसे सफल कोचों में गिने जाने वाले डेसचैम्प्स के शानदार दौर का समापन हो गया।
अब फ्रांस की बागडोर उस खिलाड़ी के हाथों में है, जिसने 1998 में देश को पहला विश्व कप खिताब दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई थी। जिदान और डेसचैम्प्स उस ऐतिहासिक विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे और पिछले कई वर्षों से जिदान को डेसचैम्प्स का स्वाभाविक उत्तराधिकारी माना जा रहा था।
पांच साल बाद कोचिंग में वापसी
यह नियुक्ति जिदान की लगभग पांच वर्षों बाद कोचिंग में वापसी भी है। उन्होंने मई 2021 में रियल मैड्रिड के मुख्य कोच पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उनका नाम यूरोप के कई बड़े क्लबों से जुड़ा, लेकिन उन्होंने किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। माना जाता रहा कि जिदान फ्रांस की राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी संभालने के अवसर का इंतजार कर रहे थे। अब आखिरकार उनका यह सपना साकार हो गया है।
उन्होंने फ्रांस फुटबॉल टीम के साथ दीर्घकालिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं और उनका लक्ष्य नई पीढ़ी को फिर से विश्व फुटबॉल के शिखर तक पहुंचाना होगा।
राष्ट्रीय टीम के साथ यह जिदान का पहला कोचिंग कार्यकाल होगा, लेकिन क्लब फुटबॉल में उनका रिकॉर्ड असाधारण रहा है। 2016 से 2021 के बीच रियल मैड्रिड के साथ दो कार्यकालों में उन्होंने क्लब को यूरोपीय फुटबॉल की सबसे बड़ी ताकत बना दिया।
जिदान आधुनिक दौर में लगातार तीन यूईएफए चैंपियंस लीग खिताब जीतने वाले पहले मैनेजर बने। उनकी रणनीति, बड़े मुकाबलों में शांत स्वभाव और खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने की क्षमता ने उन्हें दुनिया के सबसे सफल कोचों की सूची में शामिल कर दिया।
रियल मैड्रिड के साथ प्रमुख उपलब्धियां
- यूईएफए चैंपियंस लीग – 3 (2015-16, 2016-17, 2017-18)
- ला लीगा – 2 (2016-17, 2019-20)
- फीफा क्लब विश्व कप – 2 (2016, 2017)
- यूईएफए सुपर कप – 2 (2016, 2017)
- स्पेनिश सुपर कप – 2 (2017, 2020)
इन उपलब्धियों ने जिदान को आधुनिक फुटबॉल के सबसे सफल मैनेजरों में स्थापित किया और अब फ्रांस को उम्मीद है कि वे यही सफलता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दोहरा पाएंगे।
फ्रांस को फिर शिखर पर पहुंचाने की चुनौती
2026 विश्व कप में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद फ्रांस के सामने फिर से विश्व फुटबॉल में अपना दबदबा कायम करने की चुनौती है। जिदान के पास अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण मौजूद है। ऐसे में उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे टीम को नई दिशा देंगे और आने वाले वर्षों में यूरोपीय तथा विश्व फुटबॉल में फिर से शीर्ष स्थान पर पहुंचाएंगे।
जिदान का पहला मुकाबला इस वर्ष होने वाले यूईएफए नेशंस लीग में होगा। फ्रांस को तुर्किये, बेल्जियम और इटली जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों वाले कठिन ग्रुप में रखा गया है। उनके कोचिंग कार्यकाल का पहला मैच 25 सितंबर को तुर्किये के खिलाफ खेला जाएगा।
फ्रांस के प्रशंसकों को उम्मीद है कि जिस खिलाड़ी ने मैदान पर अपनी प्रतिभा से देश को गौरवान्वित किया, वही अब कोच के रूप में भी ‘लेस ब्लूज़’ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। जिदान की नियुक्ति सिर्फ एक कोच का बदलाव नहीं, बल्कि फ्रांसीसी फुटबॉल के एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
